माई मैने गोविंद लीन्
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माई मैने गोविंद लीन्हो मोल॥धृ०॥
कोई कहे हलका कोई कहे भारी । लियो है तराजू तोल॥ मा०॥१॥
कोई कहे ससता कोई कहे महेंगा । कोई कहे अनमोल॥ मा०॥२॥
ब्रिंदाबनके जो कुंजगलीनमो । लियो बंजंता ढोल॥ मा०॥३॥
मिराके प्रभु गिरिधर नागर । पुरब जनमके बोल॥ मा०॥४॥
