दूध पियो गोविंद लाला
५.
दूध पियो गोविंद लाला ॥धु०॥
काला बछरा कपिला गाई दूध दुहावत नामा जाई ॥१॥
सोनेका गडवा दूधने भरिया । पिवो नारायण आगे धरिया ॥२॥
परभुवनकी मुरत दूध न पिवत । सीर पछार नामा रोवत ॥३॥
ऐसा भगत मै कबु न पाया । नामदेवने देव हसाया ॥४॥
५.
दूध पियो गोविंद लाला ॥धु०॥
काला बछरा कपिला गाई दूध दुहावत नामा जाई ॥१॥
सोनेका गडवा दूधने भरिया । पिवो नारायण आगे धरिया ॥२॥
परभुवनकी मुरत दूध न पिवत । सीर पछार नामा रोवत ॥३॥
ऐसा भगत मै कबु न पाया । नामदेवने देव हसाया ॥४॥